रक्षाबंधन
100 साल बाद अद्भुत संयोग - रक्षाबंधन पर नहीं रहेगी भद्रा
रक्षा और बंधन दो शब्दों से मिलकर बना है रक्षाबंधन ।
सनातन धर्म में भाई बहन के लिए बड़ा ही अद्भुत त्यौंहार है जिसमें बहन भाई मंगल कामनाएं हेतु कलाई पर राखी बांधती है और भाई बहन को उसमें मान सम्मान , रक्षा करने का वचन देता है
इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा 9 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही रात्रि में 1:53 पर समाप्त हो जाएगी ऐसा अद्भुत संयोग 100 साल बाद बना
सुबह से दोपहर तक सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा
रक्षाबंधन के विशेष मुहूर्त
प्रातः 7:49 से 9:27 तक शुभ वेला
12:17 से 1:09 तक अभिजित
12:43 से 2:21 तक चंचल वेला
2:21 से 5:37 तक लाभ अमृत वेला
श्री राधे ज्योतिष दरबार, शास्त्री नगर, गवालू (नागौर)राज.
कथाव्यास कैलाशजी शास्त्री (खांडल)
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