Friday, July 25, 2025

 रक्षाबंधन 

100 साल बाद अद्भुत संयोग - रक्षाबंधन पर नहीं रहेगी भद्रा


रक्षा और बंधन दो शब्दों से मिलकर बना है रक्षाबंधन ।

सनातन धर्म में भाई बहन के लिए बड़ा ही अद्भुत त्यौंहार है जिसमें बहन भाई मंगल कामनाएं हेतु कलाई पर राखी बांधती है और भाई बहन को उसमें मान सम्मान , रक्षा करने का वचन देता है 


इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा 9 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही रात्रि में 1:53 पर समाप्त हो जाएगी ऐसा अद्भुत संयोग 100 साल बाद बना

सुबह से दोपहर तक सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा 

रक्षाबंधन के विशेष मुहूर्त 

प्रातः 7:49 से 9:27 तक शुभ वेला

12:17 से 1:09 तक अभिजित

12:43 से 2:21 तक चंचल वेला

2:21 से 5:37 तक लाभ अमृत वेला

श्री राधे ज्योतिष दरबार, शास्त्री नगर, गवालू (नागौर)राज.

कथाव्यास कैलाशजी शास्त्री (खांडल)

Facebook, Instagram, YouTube, twitter search -  Kailashji shastri gawaloo 


No comments:

Post a Comment