रुद्राभिषेक एवम महामृत्युंजय अनुष्ठान श्रावण महीने में
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भक्तों के रखवाले भगवान भोलेनाथ की महिमा बड़ी ही निराली है ।
भगवान शिव के कई नाम है जिसमे महाकाल, भूतनाथ,शम्भू, रुद्र विशेष रूप से लेते है ।
रुद्र अर्थात भगवान शिव ।।
देवाधिदेव महादेव जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता है इस कारण इन्हें भगवान आशुतोष कहा जाता है ।
भगवान भोलेनाथ अकाल मृत्यु को हरने वाले एवम जो इनकी आराधना करते है तो मौत को भी टाल देने वाले परम् दयालु परम् कृपालु भगवान शिव है ।
इसके लिए शास्त्रों में महामृत्युंजय मंत्र का लेख है जिसे मृतसंजीवनी भी कहा जाता है जो इस प्रकार है -
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्
ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ !!
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान्
मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्
ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ !!
रुद्राभिषेक अर्थात भगवान भोलेनाथ का शुक्लयजुर्वेद के रुद्रष्टाध्यायी के मन्त्रों द्वारा अभिषेक करना ।
भगवान शिव का अभिषेक जब भी हमारी श्रद्धा हो तब करें हमेशा फलदायी ही होता है लेकिन श्रावण महीना भगवान शिव का प्रिय मास है । इस कारण श्रावण मास में रुद्राभिषेक का हमारे शास्त्रों में विशेष महत्व बताया है ।। श्रावण के महीने में भक्तों के रखवाले भगवान शिव शम्भू का अभिषेक करना विशेष फलदायी एवं तुरत फल मिलता है। इसी कारण श्रावण मास में विशेष रुद्राभिषेक एवम महामृत्युंजय अनुष्ठान सबसे ज्यादा होते है ।
भगवान शिव शंकर की पूजा सनातन धर्म में भक्तों की भावना में सबसे प्रभावशाली पूजा मानी जाती है । अनुष्ठान,बिल्वपत्र अर्चना, का फल हमें तुरन्त प्रभाव से मिलता है । भोलेनाथ को प्रसन्न करने का सबसे सरल एवं आसान तरीका है रुद्राभिषेक करना💐💐
भगवान शिव का अभिषेक करने से सभी प्रकार के मनोरथ पूर्ण होते है एवम सभी प्रकार के रोग दोष,कष्ट का निवारण होता है ।
शिव महापुराण में रुद्राभिषेक हेतु अलग-अलग द्रव्यों का विधान मिलता है -
शुद्ध पवित्र जल से अभिषेक से इंद्रदेव प्रसन्न होकर वर्षा करते है ।
दुःख, शारीरिक रोगों का मुक्ति हेतु कुशा के जल से भोलेनाथ का अभिषेक करें ।
मकान एवम वाहन का सुख चाहते है तो दही से शिवजी का अभिषेक करें ।
गन्ने का अभिषेक करने से माँ लक्ष्मी की कृपा बरसती है एवम कर्ज से मुक्ति मिलती है ।
मोक्ष प्राप्ति हेतु तीर्थों के जल से अभिषेक करें ।
पुत्र प्राप्ति हेतु गाय के दूध से अभिषेक करें ।
ज्यादा जानकारी के लिए सम्पर्क करें-
*श्री राधे ज्योतिष दरबार, शास्त्री नगर,गवालू(नागौर)राज.*
*कथाव्यास कैलाश शास्त्री(खाण्डल)*
श्रीमद्भागवत कथा, नानी बाई का मायरा, यज्ञ,अनुष्ठान ,वास्तु शास्त्र, जन्मकुंडली हेतु समपर्क
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ॐ नमः शिवाय
ReplyDeleteOm Namah shivaya
ReplyDeletegood
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