भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष की छठ
Saturday, August 24, 2024
ऊब छठ
Wednesday, January 11, 2023
Makar Sankranti 2023
मकर संक्रांति का वास 🚩
🙏🙏🙏🙏🙏🙏
१.लौकिक मतानुसार
रविवार - शाह वैश्य
सोमवार धोबी रजक
मंगलवार कुम्हार
बुध गुरु शुक्र - माली वन
शनिवार - दुष्ट जन , पापात्मा
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२.मतान्तर सूत्र
वर्ष समय निवास यही मकर संक्रांति निवास भी
रोहिणी निवास अगर
समुद्र - माली के घर
संधि - वैश्य के घर
पर्वत - कुम्हार के घर
तट - धोभी के घर
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वासा दुष्टमानव क्योंकि शनिवार को संक्रांति है
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रोहिणी निवास - सागर
समय निवास - माली गृह
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संक्रांति निवास और रोहिणी निवास के आधार पर निकले समय निवास दोनो ही अलग है !!!
Friday, December 30, 2022
तीतरी रामस्नेही रामद्वारा भागवत कथा by कथाव्यास कैलाशजी शास्त्री खांडल
नागौर जिले के तीतरी गांव के रामद्वारा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का आनंद के साथ विश्राम हुआ।
इस अवसर पर कथा व्यास कैलाश शास्त्री खांडल ने भगवान श्रीकृष्ण तथा सुदामा के जीवन चरित्र,रूक्मणी विवाह,कंस वंध सहित अनेक विषयों पर विस्तार से श्रद्धालुओं को बताया
उन्होंने बताया कि जैसे कृष्ण ने सुदामा के साथ मित्रता धर्म निभाया हमें भी उनकी मित्रता का अनुसरण करना चाहिए
शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। श्रीमद भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। कथा व्यास शास्त्री ने कहा कि सभ्य एवं संस्कारित समाज निर्माण के लिए सदैव गीता का अनुसरण करते रहना चाहिएं, जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है, वह हिंसा से संभव नहीं हो सकता हैं।
कथाव्यास शास्त्री ने युवा वर्ग को नशे से दुर रहने की बात भी बताई और कहा कि नशे से हमारे शरीर का नुक़सान तथा बुद्धि का विनाश भी होता है जिससे आत्मिक शांति भी प्राप्त नहीं होती है। उन्होंने कहा कि हमें गौसेवा भी करनी चाहिए क्योंकि गाय मे ३३ कोटि देवताओं का वास होता है तथा गौसेवा सर्वश्रेष्ठ सेवा का माध्यम है और सात दिनों तक आयोजित भागवत कथा में भजन गायक अनिल सैन, सुनिता स्वामी ने भी कथा पांडाल में भजनों की प्रस्तुति दी जिससे श्रद्धालु खुशी से नृत्य करते दिखे।
इस सात दिवसीय भागवत कथा में तीतरी जोधियासी सहित आस-पास के अनेकों गांव के श्रद्धालुओं सहित काफी संख्या में महिला-पुरूष भक्तों ने इस कथा का आनंद उठाया। सात दिनों तक आयोजित इस पावन कथा में पुरा वातावरण भक्तिमय रहा।
Saturday, September 10, 2022
श्रीवत्स पीठ
श्री #रामानुज_संप्रदाय की #वडकलै परंपरा के #अहोबिल_पीठ का अनुसरण करते हुए #नर्मदा_नदी के पावन तट पर तीर्थ भूमि #चांदोद (वडोदरा) के #चक्रपाणि_घाट पर लगभग 325 वर्ष पूर्व #धर्म_चक्रोदय #श्रीवत्स_मठ की स्थापना हुई । श्रीवत्स पीठ के प्रथमाचार्य श्री #श्रियाचार्य_स्वामीजी द्वारा गुजरात में ₹श्रीसंप्रदाय के #विशिष्टाद्वैत_सिद्धांत का संवर्धन किया गया । श्री श्रियाचार्य स्वामीजी के पश्चात् पंद्रह आचार्यों ने #श्रीवत्स_पीठ को समलंकृत किया । श्रीवत्स पीठ की आचार्य परंपरा में कई आचार्य त्रिकालदर्शी, #वचनसिद्ध, भक्ति परायण, ज्ञानी, वैराग्य निष्ठ, #कैंकर्य्य परायण महात्मा हुए जिन्होंने लोक कल्याण एवं #संस्कृति_संरक्षण के लिए श्रीवत्स पीठ अन्तर्गत 52 भव्य मंदिरों- देवस्थानो का निर्माण कर #पांचरात्र आगमानुसार भगवान के #श्रीविग्रहो की प्राणप्रतिष्ठा की । संवत् 2006 (ई.स. 1950) में पूजनीय श्री #अनिरुद्धाचार्य_वेंकटाचार्य जी महाराज श्रीवत्स पीठ के पंद्रहवे आचार्य के रुप में श्रीवत्स पीठ पर विराजित हुए । आपने अपनी तपस्या एवं विद्वत्ता के प्रभाव से श्री #रामानुज संप्रदाय एवं श्रीवत्स पीठ का वैभव वर्धन किया । संवत् 2053 ई. स. 1997) में परम पूज्य स्वामी श्री #वेंकटेशाचार्यजी_महाराज श्रीवत्स पीठ के सोलहवें #आचार्य के रुप में अभिषिक्त । आप बड़े ही उर्जावान्, कर्मठ एवं रचनात्मक कार्यों से श्रीवत्स पीठ के वैभव को दिग्दिगंत तक प्रसारित कर रहें है । धर्म चक्रोदय श्रीवत्स मठ के अंतर्गत सभी देवस्थानों को आपने अति भव्य स्वरूप प्रदान कर महती योगदान किया है । धार्मिक कार्यक्रमों हेतु प्रवास के अतिरिक्त आप #श्रीवेंकटेश_देवस्थान_बड़ौदा विराजते हैं । खांडल ज्ञाति काछवाल कुलोत्पन्न मूलत: सारड़ी निवासी युवा संत श्री पर समाज को गर्व है । पूज्य श्री #स्वामीजी के श्रीचरणों में सादर साष्टांग दंडवत प्रणाम
Thursday, August 18, 2022
गोवत्स बछ बारस) 2022 व्रत कथा














