Friday, December 30, 2022

तीतरी रामस्नेही रामद्वारा भागवत कथा by कथाव्यास कैलाशजी शास्त्री खांडल

 नागौर जिले के तीतरी गांव के रामद्वारा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का आनंद के साथ विश्राम हुआ।






इस अवसर पर कथा व्यास कैलाश शास्त्री खांडल ने भगवान श्रीकृष्ण तथा सुदामा के जीवन चरित्र,रूक्मणी विवाह,कंस वंध सहित अनेक विषयों पर विस्तार से श्रद्धालुओं को बताया

उन्होंने बताया कि जैसे कृष्ण ने सुदामा के साथ मित्रता धर्म निभाया हमें भी उनकी मित्रता का अनुसरण करना चाहिए

शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से व्यक्ति भव सागर से पार हो जाता है। श्रीमद भागवत से जीव में भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके  श्रवण मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। विचारों में बदलाव होने पर व्यक्ति के आचरण में भी स्वयं बदलाव हो जाता है। कथा व्यास शास्त्री ने कहा कि सभ्य एवं संस्कारित समाज निर्माण के लिए सदैव गीता का अनुसरण करते रहना चाहिएं, जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है, वह हिंसा से संभव नहीं हो सकता हैं।



कथाव्यास शास्त्री ने युवा वर्ग को नशे से दुर रहने की बात भी बताई और कहा कि नशे से हमारे शरीर का नुक़सान तथा बुद्धि का विनाश भी होता है जिससे आत्मिक शांति भी प्राप्त नहीं होती है। उन्होंने कहा कि हमें गौसेवा भी करनी चाहिए क्योंकि गाय मे ३३ कोटि देवताओं का वास होता है तथा गौसेवा सर्वश्रेष्ठ सेवा का माध्यम है और सात दिनों तक आयोजित भागवत कथा में भजन गायक अनिल सैन, सुनिता स्वामी ने भी कथा पांडाल में भजनों की प्रस्तुति दी जिससे श्रद्धालु खुशी से नृत्य करते दिखे। 

इस सात दिवसीय भागवत कथा में तीतरी जोधियासी सहित आस-पास के अनेकों गांव के श्रद्धालुओं सहित काफी संख्या में महिला-पुरूष भक्तों ने इस कथा का आनंद उठाया। सात दिनों तक आयोजित इस पावन कथा में पुरा वातावरण भक्तिमय रहा।