Friday, September 20, 2019

Navratri - नवरात्रि 2019

नवरात्रि शब्द 'नव अहोरात्रों' यानी विशेष रात्रियों का ज्ञान होता है । नवरात्रि में देवी के नौ रूपों की पूजा उपासना होती है ।  *********************,
नवरात्रि घटस्थापना मुहूर्त - आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा , रविवार, 29 सितम्बर 2019
समय-  प्रातः  9:30 से 12:28 तक लाभ-अमृत वेला
  दोपहर - 12:04 से 12:52 अभिजीत मुहूर्त

रात्रि शब्द सिद्धि का भी प्रतीक माना जाता है । देवी की उपासना प्रतिपदा से नवमी तक निश्चित नौ तिथि,नौ शक्तियों की नवधा भक्ति के साथ की जाती है । नवरात्रि वर्ष में चार बार होती है- चैत्र,आषाढ़ ,आश्विन,पोष ।
इनमें आषाढ़ ओर पोष मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि के रूप में होती है । नौ दिनों में नवदुर्गा की पूजा महाकाली, महालक्ष्मी,महासरस्वती के रूपों की पूजा होती है ।
प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी ।
तृतीयं चद्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम् ।।
पञ्चमं स्कन्दमातेती षष्ठम् कात्यायनी च ।
सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम् ।।
नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा: प्रकीर्तिताः ।।
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इस प्रकार नवदुर्गा ओर दस महाविद्याओं में महाकाली को प्रमुख माना जाता है ।
नवरात्रि में दुर्गासप्तशती का पाठ करना अनन्त पुण्य ओर फलदायी होता है ।
इसे दुर्गा ओर चंडीपाठ भी कहा जाता है ।।
दुर्गा सप्तशती का अनुष्ठान सौ पाठ से शतचण्डी , हजार पाठ से सहस्त्र चण्डी, लाख पाठ से लक्षचण्डी इस प्रकार विशेष अनुष्ठान किये जाते है ।
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आश्विन मास में जो नवरात्रि आती है उसे शारदीय नवरात्रि भी कहा जाता है । दुर्गासप्तशती के 12 वां अध्याय में 12-13 श्लोक जिसमे देवी खुद कहती है -
''शरत्काले महापूजा क्रियते या च वार्षिकी ।
तस्यां ममैतन्महात्म्यम् श्रुत्वा भक्तिसमन्वित: ।।
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः ।
मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशय ।।
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◆शरत्काल में जो वार्षिक महापूजा की जाती है उस पर्व पर मेरे जो इस माहात्म्य को भक्तिपूर्वक सुनेगा,वह मनुष्य मेरे प्रसाद से सब बाधाओं के मुक्त होकर धन-धान्य तथा पुत्र से सम्पन्न होगा इसमें तनिक भी संदेह नही है ।
●यह माहात्म्य दुर्गासप्तशती के नाम से प्रसिद्ध है ।
दुर्गा पाठ धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चारों पुरुषार्थ प्रदान करने वाला है । माता का भक्त भाव,श्रद्धा और जिस कामना से साथ सप्तशति का पारायण करता है उसे उसी भावना के अनुरूप निश्चय फल सिद्धि होती है । इस प्रकार नौ दिन तक देवी के स्वरूपों का पूजन करें । नवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा होती है । इस दिन योगी,सिद्धपुरुष कई प्रकार मन्त्रों की सिद्धि भी करते है । इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवम हवन करना चाहिये । आहुति में दुर्गा का मूल मंत्र जिसे नवार्ण मन्त्र कहा जाता है ।
" ॐ ऐम् ह्रीं क्लीम् चामुण्डायै विच्चे ''
इस मन्त्र से भी आहुति देनी चाहिये । देवी सभी भक्तों को साधना और तप के प्रभाव से लौकिक ओर परलौकिक सभी प्रकार की कामनाओं की पूर्ति करती है । नवें दिन फल,हलवा,पूड़ी, काले चने ओर नारियल का भोग लगाया जाता है । उसके बाद कंवारी कन्याओं ओर ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिये, मां के प्रसाद के साथ चरण स्पर्श कर दान-दक्षिणा देनी चाहिये । इस भोजन के बाद मां को विदाई दी जाती है यानी उतरपूजन किया जाता है ।
■या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ।।
★★★★★■■■■■★★★★★
विशेष पूजन,अर्चना,दुर्गा पाठ एवम अन्य पूजन समन्धित अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क-
भागवताचार्य कैलाश जी शास्त्री(खाण्डल)
श्री राधे ज्योतिष दरबार
शास्त्री नगर,गवालू (नागौर)राजस्थान
2nd पता- shri radhe astroconsltancy
Maa aanndi heights, devadhgham surat-gujrat ..
Contact;- +919001520008
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Saturday, September 7, 2019

Veer teja दशमी

गौ माता की रक्षा करने के लिए अपने  प्राणों की आहुति देने वाले  श्री सत्यवादी वीर #तेजाजी महाराज के 916 वें बलिदान दिवस की सभी देशवासियों को तेजा दशमी की हार्दिक शुभकामनाएं ।#श्री_सत्यवादी_वीर_तेजाजी
कैलाश शास्त्री(खाण्डल) गवालू नागौर
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भागवत कथा

कल रात्रि तीसरे दिन की कथा की कुछ मीडिया कवरेज ।
कथाव्यास- कैलाश जी शास्त्री(खाण्डल) गवालू वाले
स्थान- बायांसा मन्दिर रूण(नागौर)राज.
कॉल- 9001520008

Sunday, September 1, 2019

भागवत कथा

🙏🏻 *राधे राधे*🙏🏻
!!!सर्वजन हितार्थ!!!
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 5वीं
गणपति स्थापना के उपलक्ष में
श्री मद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ
का आयोजन।।
दिनाँक - 4 से 10 सितंबर 2019
रात्रि *7:30 से 11:30 बजे कथाव्यास -
*राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रद्धेय श्री कैलाश जी शास्त्री(खाण्डल)*
कॉल- *9001520008*
कथा स्थल-
बांयासा मन्दिर प्रांगण,
रूण 【नागौर"】 राजस्थान!
*आपकी उपस्थिति सादर प्रार्थनीय है* ।।
#ShriMadBhagwatKatha
#kailashji_shastri_gawaloo (google search)
#श्रीमद्भागवतकथा
#कैलाशजी_शास्त्री_गवालू
#BhagwatKatha
#roon_nagaur
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